मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र) में 14 लाख रुपये की इनामी, हार्डकोर महिला नक्सली सुनीता सियाम ने शनिवार देर रात इंसास राइफल और तीन मैगजीन के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की रहने वाली 22 वर्षीय सुनीता, प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के पद पर सक्रिय थी। वह नक्सली संगठन में शीर्ष नेता रामदेर की अंगरक्षक भी रह चुकी थी।
पुलिस की समझाइश लाई रंग: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आत्मसमर्पण मध्य प्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के तहत हुआ है, जिसे नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार चलाए जा रहे पुलिस के जागरूकता अभियान और दबाव के चलते सुनीता ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
पुनर्वास के तहत मिली सहायता: आत्मसमर्पण नीति के अनुसार, सुनीता को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, हथियार जमा करने के लिए उसे 4 लाख 10 हजार रुपये (राइफल और मैगजीन के लिए) का इनाम भी दिया गया है।
पुलिस अब सुनीता से नक्सली संगठन की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी जुटा रही है। राज्य सरकार ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलियों को दी गई कड़ी चेतावनी का सकारात्मक परिणाम बताया है, और अन्य नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।






