मुख्यमंत्री ने ₹10 लाख मुआवजे का किया ऐलान, जाँच आयोग गठित
करूर, तमिलनाडु: अभिनेता से राजनेता बने और तमिलनाडु वेत्री कज़गम (TVK) के प्रमुख विजय की करूर में आयोजित एक राजनीतिक रैली में शनिवार शाम को हुई भीषण भगदड़ में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 10 बच्चे और 16 महिलाएँ शामिल हैं। इस हादसे में 40 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज करूर और आसपास के अस्पतालों में चल रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना शनिवार की शाम वेलुस्वामीपुरम में हुई, जहाँ विजय अपनी ‘वेलिचम वेलियेरु’ (‘रोशनी बाहर आने दो’) अभियान के तहत लोगों को संबोधित कर रहे थे। रैली में भारी भीड़ जमा थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के शुरुआती बयानों के अनुसार, भीड़ का एक बड़ा हिस्सा मंच के पास आने की कोशिश करने लगा। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अचानक कुछ फ्लडलाइट्स के बंद हो जाने या फिर मंच के पास पेड़ की शाखा टूटने के कारण भीड़ में अफ़रा-तफ़री मच गई, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
भगदड़ के दौरान लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे कई लोग कुचल गए। बचाव दल को घटनास्थल पर भीड़ और अव्यवस्था के कारण घायलों तक पहुँचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

सरकारी प्रतिक्रिया और सहायता:
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने पुष्टि की कि 38 लोगों की मौत हुई है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख तथा घायलों को ₹1 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने घटना की जाँच के लिए रिटायर्ड जस्टिस अरुणा जगदीसन की अध्यक्षता में एक-सदस्यीय आयोग का भी गठन किया है।
TVK प्रमुख विजय ने भी इस त्रासदी पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका दिल टूट गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।
स्थानीय प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं और रैली के आयोजन में भीड़ नियंत्रण की विफलता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।






