रायपुर : स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में इलेक्ट्रीशियन कुबेर चंद साहू (32 वर्ष) की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुबेर एयरपोर्ट की फॉल्स सीलिंग के नीचे लगभग 30 फीट ऊंचाई पर लाइट मरम्मत का कार्य कर रहा था, तभी अचानक नीचे गिर गया। हादसे के बाद एयरपोर्ट प्राधिकरण ने अत्यधिक गर्मी के कारण चक्कर आने की बात कही, लेकिन मौके से सामने आई जानकारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सूत्रों के मुताबिक ठेका कर्मी कुबेर से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के इतनी ऊंचाई पर काम कराया जा रहा था। हादसे के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और न्याय की मांग तेज हो गई।
क्रांति सेना ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता माना कैंप अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगठन ने ठेका एजेंसी की लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह बताते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, बेटी की शिक्षा और परिवार के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई।क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि मजदूरों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन के दौरान शव को एयरपोर्ट ले जाकर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई,

आंदोलन का असर: हर महीने मिलेगी 22 हजार रुपए की सहायता
लगातार प्रदर्शन और दबाव के बाद ठेका एजेंसी जय इंटरप्राइजेस के पार्टनर विनीत शाह द्वारा पीड़ित परिवार को लिखित आश्वासन दिया गया। समझौते के तहत कुबेर साहू के परिवार को अगले 28 वर्षों तक हर महीने 22 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।इसके साथ ही अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपए नकद भी प्रदान किए गए। लिखित समझौते के बाद आंदोलन समाप्त हुआ ।
तीन साल की बेटी के सिर से उठा पिता का साया
मृतक कुबेर साहू अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। परिवार में पत्नी पूर्णिमा और तीन साल की मासूम बेटी है। बताया जा रहा है कि कुबेर पिछले 5-6 महीनों से एयरपोर्ट में ठेका एजेंसी के माध्यम से कार्य कर रहा था।इस हादसे ने एक बार फिर ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते, तो शायद कुबेर की जान बच सकती थी।





