12 जून 2025 को टाउनशिप क्षेत्र में एक महिला की हत्या की घटना सामने आई थी, जिसने स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया था। मामले में एकमात्र आरोपी दीपक डोरसे को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। विस्तृत सुनवाई तथा प्रस्तुत साक्ष्यों के परीक्षण के उपरांत न्यायालय ने मात्र 8 माह के भीतर अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
मामले में बचाव पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी अधिवक्ता सक्षम समैया द्वारा की गई। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत विधिक तर्कों और तथ्यों के गहन विश्लेषण के आधार पर बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों पर युक्तिसंगत संदेह उत्पन्न किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को बरी कर दिया गया।
यह फैसला त्वरित न्यायिक प्रक्रिया तथा प्रभावी विधिक प्रस्तुति का एक उल्लेखनीय उदाहरण माना जा रहा है।
अधिवक्ता की प्रतिक्रिया
मामले के संबंध में संवाददाता से चर्चा करते हुए अधिवक्ता सक्षम समैया ने कहा,
“भारत में संविधान का शासन चलता है और प्रत्येक कार्य कानून के दायरे में रहकर ही किया जाता है। न्यायालय में प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है और न्याय अवश्य मिलता है। यही हमारे न्यायिक तंत्र की सबसे बड़ी विशेषता है।”





