लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन : 24 सितंबर को लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में चल रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया।इस दौरान कथित तौर पर आगजनी हुई और कुछ लोगों की मौत भी हुई।
सरकार का आरोप और गिरफ्तारी: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लेह में हुई हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने अपने “भड़काऊ बयानों” से युवाओं और भीड़ को उकसाया। इस संबंध में वांगचुक के खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है और फिलहाल उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है।

अनशन समाप्त: हिंसक घटनाक्रम के बाद, सोनम वांगचुक ने 15 दिन से चल रहा अपना अनशन (भूख हड़ताल) तोड़ दिया और युवाओं से हिंसा रोकने तथा शांति बनाए रखने की अपील की।
NGO पर कार्रवाई: लेह हिंसा के बाद, गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक के NGO के FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) लाइसेंस को भी रद्द कर दिया है, जिससे वह अब विदेश से कोई अंशदान नहीं ले सकता।






