बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के युवा ने शानदार भाषण दिया। उसके इस भाषण से खुश होकर लोकसभा अध्यक्ष ने भी उनकी तारीफ की।
रायपुर। संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए हुए बच्चे संविधान और डॉ. भीमराव अंबेडकर पर अपने विचार साझा किया। इनमें से एक छत्तीसगढ़ के सोमेश्वर प्रसाद गंजीर हैं जिन्होंने अपनी शानदार भाषण से सबको अपनी ओर आकर्षित किया।
दरअसल, नई दिल्ली के संसद भवन में छत्तीसगढ़ के सोमेश्वर गंजीर ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर पर शानदार भाषण प्रस्तुत किया। सोमेश्वर प्रसाद गंजीर ने अपनी भाषण की शुरुआत देशभक्ति से ओत्प्रोत कर देने वाली शायरी के माध्यम से भारत के शहीदों को सलाम करते हुए किया। अंत में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कवि लक्ष्मण मस्तुरिया जी के प्रसिद्द गीत ‘मोर संग चलाव रे’ पंक्ति के साथ पूरी सभा का दिल जीत लिया। यह पल छत्तीसगढ़ और विशेष कर उत्तर बस्तर के लिए गौरान्वित करने वाला रहा।
लोकसभा अध्यक्ष ने की तारीफ
सोमेश्वर गंजीर ने अपने जोशीले भाषण से बाबासाहेब अम्बेडकर के विचारों, संघर्षो एवं सामान समरसता को पटल पर रखा। उनके भाषण ने सबको इतना प्रभावित किया कि पूरे भाषण के दौरान तालिया की गड़गड़ाहट संविधान सभा में गूंजती ही रही। सोमेश्वर ने बताया कि, भाषण से खुश होकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी खूब तारीफ की और अंत में उन्होंने हाथ मिलकर उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी प्रेषित की।
उत्तर बस्तर कांकेर के रहने वाले हैं सोमेश्वर
सोमेश्वर गंजीर उत्तर बस्तर कांकेर जिले के छोटे से गांव पूसवाड़ा के रहने वाले हैं। सोमेश्वर पिछले चार सालों से लगातार राष्ट्रीय युथ फेस्टिवल में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। हाल ही में 14 मार्च को चेन्नई में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हुए वे राष्ट्रीय चैंपियन बने। साथ ही उन्होंने विकसित भारत युवा संसद में भाग लिया था जिसके बाद अब उनका सिलेक्शन संसद भवन में भाषण के लिए हुआ था।





