हितेश साहू रायपुर मठपुरेना क्षेत्र में सरकारी भुइयां (सरकारी ज़मीन) को बचाने के लिए जनआक्रोश तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रही सरकारी ज़मीनों को गोलमाल तरीके से बेच दिया गया, जिससे आम जनता के हितों पर सीधा प्रहार हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर “भुइयां बचाओ आंदोलन” के तहत एकजुट होकर आंदोलन की घोषणा की गई है।
स्थानीयो के अनुसार, जिन ज़मीनों पर पहले स्कूल, सार्वजनिक भवन और सामुदायिक गतिविधियों की योजना थी, उन्हें कथित तौर पर निजी हाथों में सौंप दिया गया। इससे न केवल भविष्य की सार्वजनिक सुविधाओं पर संकट खड़ा हो गया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकार भी खतरे में पड़ गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आज सरकारी ज़मीन नहीं बची, तो कल आबादी के विस्तार के साथ घर-आंगन तक सुरक्षित नहीं रहेंगे।आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी भुइयां की बिक्री की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक ज़मीनों को सुरक्षित किया जाए।

इस उद्देश्य से 10 जनवरी 2026 (शनिवार) को बिहिनिया मंदिर के सामने (गार्डन) में सुबह 11 बजे से जनसंकल्प सभा का आयोजन किया जाएगा।
इस आंदोलन का नेतृत्व युवा संगठन मठपुरेना कर रहा है, जिसे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का समर्थन प्राप्त है। आयोजकों ने क्षेत्र की समस्त जनता से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर आंदोलन को मजबूती दें और सरकारी ज़मीनों की रक्षा के लिए आवाज़ बुलंद करें।





