पाटन। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के निर्देश और छत्तीसगढ़ शासन के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पाटन महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया जोर-शोर से जारी है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, एमए, एमएससी, पीजीडीसीए और डीसीए सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के साथ-साथ नियमित कक्षाएं भी सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नंदा गुरवारा ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए विषय चयन हेतु उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय में हेल्प-डेस्क की व्यवस्था भी की गई है, जहां विद्यार्थियों और पालकों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
डॉ. गुरवारा ने बताया कि महाविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी के 13 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल एक कर्मचारी कार्यरत है। अन्य कार्यों के संचालन के लिए जनभागीदारी समिति के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे महाविद्यालय पर वित्तीय भार बढ़ा है। इसके बावजूद विद्यार्थियों से शुल्क ₹650 से घटाकर ₹600 किया गया है।
एनईपी के सफल संचालन हेतु जनभागीदारी मद से अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। इनका वेतन भी इसी मद से दिया जाता है। साथ ही विद्यार्थियों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र और अंकसूची के लिए आवेदन करते ही तुरंत सुविधा प्रदान की जा रही है।
महाविद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियां भी भरपूर आयोजित की जा रही हैं। जून में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और जुलाई में वृक्षारोपण एवं महर्षि वेदव्यास जयंती का आयोजन किया गया।
डॉ. गुरवारा ने कहा कि हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों का समग्र विकास है और इसी दिशा में महाविद्यालय लगातार कार्य कर रहा है।






